Introduction
Child’s Name Missing from List? Next Steps & Phases
अगर आपके बच्चे का नाम RTE UP की पहली लिस्ट में नहीं है, तो घबराने की ज़रूरत नहीं है। हो सकता है कि आपका आवेदन अगले चरण के लिए अपने आप रोल ओवर हो गया हो। यह गाइड आपको बताएगी कि आगे क्या करना है — चाहे आपको इंतज़ार करना हो, दोबारा आवेदन करना हो, या कोई शिकायत दर्ज करानी हो।
RTE Admission Rejected? Here’s How to Appeal (Step-by-Step)
What to Do After RTE UP Lottery Result?
सबसे पहले जानें: बच्चे का नाम लिस्ट में क्यों नहीं आया?
आपके बच्चे का नाम लिस्ट में न आने के तीन मुख्य कारण हो सकते हैं:
1. लॉटरी में नाम नहीं निकला
यह सबसे आम कारण है। RTE 25% कोटे के तहत हर स्कूल में सीमित सीटें होती हैं, और आवेदकों की संख्या बहुत ज़्यादा होती है
2026-27 सत्र के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश भर में 4,44,771 आवेदन आए थे, जबकि कुल 1,95,740 सीटें ही आवंटित की गईं। इसका मतलब है कि हर लॉटरी चरण में सिर्फ़ 44% बच्चों का ही चयन होता है — बाकी 56% बच्चों को अगले चरण का इंतज़ार करना पड़ता है
अच्छी बात यह है कि अगर आपका आवेदन “Not Selected” या “Waiting” स्टेटस दिखा रहा है, तो इसका मतलब है कि आपका आवेदन सही था, बस लॉटरी में मौका नहीं मिला। यह सबसे कम चिंता वाली स्थिति है
जरूरी सलाह:
पहले चरण में सबसे ज़्यादा सीटें भरी जाती हैं, लेकिन अगर आपका चयन पहले चरण में नहीं हुआ, तो भी आपका आवेदन अगले चरणों के लिए मान्य रहेगा। आपको दोबारा कुछ नहीं करना है
2. दस्तावेज़ जाँच में खारिज होना
यह दूसरा और ज़्यादा गंभीर कारण है। RTE आवेदन की दो-स्तरीय जाँच होती है — पहले ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) और फिर ज़िला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) द्वारा
अगर किसी भी स्तर पर दस्तावेज़ों में गड़बड़ी मिलती है, तो आवेदन खारिज कर दिया जाता है। सबसे आम गड़बड़ियाँ ये हैं:
- नाम में मामूली अंतर — जैसे आधार पर “Mohammad” और बर्थ सर्टिफिकेट पर “Mohammed”
- आय प्रमाण पत्र में अंतर — फॉर्म में डाली गई आय और सर्टिफिकेट पर लिखी आय में थोड़ा सा भी अंतर
- जाति प्रमाण पत्र एक्सपायर होना या गलत फॉर्मेट में होना
- निवास प्रमाण में कोई गलती
बहुत जरूरी:
अगर आपका आवेदन “Rejected” स्टेटस दिखाता है, तो यह अगले चरण में अपने आप रोल ओवर नहीं होगा। आपको दोबारा आवेदन करना होगा
3. स्कूल जानबूझकर RTE बच्चों को लेने से बच रहे हैं
यह सबसे चिंताजनक कारण है। कुछ स्कूल जानबूझकर RTE के छात्रों को एडमिशन देने से बचते हैं। स्कूल कह सकते हैं कि “आपके बच्चे का नाम हमारी लिस्ट में नहीं है” या “हमें कोई सूचना नहीं मिली” — भले ही पोर्टल पर नाम हो
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने Lucknow Public School v. State of Uttar Pradesh (2026 INSC 422) मामले में साफ़ कहा है कि स्कूल सरकार के फैसले पर “अपील” नहीं कर सकते। कोर्ट ने “admit first, argue later” का सिद्धांत लागू किया है — अगर सरकार ने किसी बच्चे का नाम स्कूल को भेजा है, तो स्कूल को तुरंत एडमिशन देना होगा, चाहे उसे कोई आपत्ति हो
सुप्रीम कोर्ट का सीधा शब्दों में फैसला:
स्कूल सरकार के आवंटन पर सवाल नहीं उठा सकते। अगर आपके बच्चे का नाम सरकार की लिस्ट में है, तो स्कूल को तुरंत एडमिशन देना ही होगा — कोई देरी नहीं, कोई बहाना नहीं।
आपको खुद से पूछना चाहिए: क्या स्कूल सही में मना कर रहा है या वे RTE कोटे के बच्चों को लेने से बच रहे हैं?
आरटीई के तीन चरण: कैसे काम करता है इंतज़ार का सिस्टम?
UP में RTE एडमिशन 2026-27 के लिए तीन चरणों में कराया गया है। यह पहले की तुलना में बड़ा बदलाव है, क्योंकि पहले सिर्फ एक या दो चरण होते थे। अब बच्चों को तीन मौके मिलते हैं
पूरा शेड्यूल (तारीखें)
| चरण | आवेदन तिथियाँ | लॉटरी तिथि | एडमिशन आदेश तिथि |
|---|---|---|---|
| पहला चरण | 2 फरवरी – 16 फरवरी 2026 | 18 फरवरी 2026 | 20 फरवरी 2026 |
| दूसरा चरण | 21 फरवरी – 7 मार्च 2026 | 9 मार्च 2026 | 11 मार्च 2026 |
| तीसरा चरण | 12 मार्च – 25 मार्च 2026 | 27 मार्च 2026 | 29 मार्च 2026 |
क्या आपका आवेदन अगले चरण में अपने आप चला जाता है?
यह सबसे बड़ा सवाल है — और जवाब आपके स्टेटस पर निर्भर करता है:
- “Not Selected” या “Waiting” → हाँ, आपका आवेदन अपने आप अगले चरण में चला जाएगा। आपको कुछ नहीं करना है, बस लॉटरी की तारीख का इंतज़ार करें
- “Rejected” → नहीं, आपको दोबारा आवेदन करना होगा। पहले पता करें कि रिजेक्शन की वजह क्या थी, फिर दस्तावेज़ सुधारकर नए सिरे से आवेदन करें
- “Pending Verification” → आपके दस्तावेज़ अभी जाँच के दौरान हैं। 3-4 दिन इंतज़ार करें, अगर स्टेटस नहीं बदलता तो BEO से संपर्क करें
खुद से पूछें:
क्या मैंने अपना स्टेटस सही से चेक किया है — “Not Selected” या “Rejected” — क्योंकि मेरा अगला कदम इसी पर निर्भर करता है?
तीन चरणों का सही मतलब
तीन चरणों की यह प्रणाली उन बच्चों के लिए बनाई गई है जो पहले चरण में चूक गए या जिनका चयन नहीं हुआ। इसका मतलब है:
- आपको कुल तीन मौके मिलते हैं — एक बार नहीं, बल्कि तीन बार लॉटरी में भाग लेने का अवसर
- पहले चरण में सबसे ज़्यादा सीटें भरी जाती हैं
- दूसरे चरण में बची हुई सीटों के लिए लॉटरी होती है
- तीसरे चरण में अंतिम बची हुई सीटें भरी जाती हैं
अगर आपका आवेदन सही है, तो आप तीनों चरणों में शामिल रहेंगे। आपको बार-बार फॉर्म नहीं भरना है (जब तक कि आपका आवेदन “Rejected” न हो)।
स्टेप-बाय-स्टेप: जब नाम लिस्ट में न हो तो क्या करें?
पहला कदम — पोर्टल पर स्टेटस सही से चेक करें
सबसे पहले ऑफिशियल पोर्टल पर अपना स्टेटस चेक करें। यह कैसे करें:
- ऑफिशियल पोर्टलrte25.upsdc.gov.in पर जाएँ
- “Student Application Status” पर क्लिक करें
- अपना ज़िला चुनें
- रजिस्ट्रेशन ID डालें (आवेदन करते समय मिली थी)
- कैप्चा कोड भरें
- “Search” पर क्लिक करें
बहुत जरूरी: स्टेटस का स्क्रीनशॉट लें या प्रिंट निकाल लें। यह आपके पास सबूत के तौर पर होना चाहिए। कई बार स्कूल पोर्टल पर नाम होने के बावजूद मना कर देते हैं, और यह स्क्रीनशॉट ही आपका सबसे बड़ा सबूत होगा
दूसरा कदम — अपना स्टेटस समझें
तीन तरह के स्टेटस हो सकते हैं, और हरका अलग मतलब है:
- “Not Selected” → चिंता न करें, आपका आवेदन अगले चरण के लिए अपने आप मान्य है। आपको कुछ नहीं करना है, बस लॉटरी की तारीख का इंतज़ार करें। अगले चरण में आपकी चांस बिल्कुल नए आवेदकों जितनी ही होगी
- “Rejected” → आपको दोबारा आवेदन करना होगा। पहले पता करें कि रिजेक्शन की वजह क्या थी — नाम में गलती, आय प्रमाण पत्र में mismatch, या कोई और दस्तावेज़ी समस्या। फिर उसे सुधारकर नए सिरे से आवेदन करें
- “Pending Verification” → आपके दस्तावेज़ अभी जाँच के दौर में हैं। 3-4 दिन इंतज़ार करें, अगर फिर भी स्टेटस नहीं बदलता, तो अपने क्षेत्र के BEO (ब्लॉक शिक्षा अधिकारी) से संपर्क करें
तीसरा कदम — ज़िला BSA/BEO कार्यालय जाएँ
अगर आपके आवेदन में कोई समस्या है या स्कूल से सही जानकारी नहीं मिल रही, तो अपने ज़िले के BSA (बेसिक शिक्षा अधिकारी) या BEO (ब्लॉक शिक्षा अधिकारी) के कार्यालय जाएँ
हर ब्लॉक में RTE से संबंधित जानकारी और दस्तावेज़ वेरिफिकेशन के लिए नोडल ऑफिसर तैनात किए गए हैं। वे आपकी मदद करेंगे और आपको सही रास्ता बताएँगे
अगर स्कूल आपको मना कर रहा है, तो BSA को तुरंत सूचित करें। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, स्कूल को तुरंत एडमिशन देना होगा
क्या आप जानते हैं? BSA कार्यालय में एक विशेष RTE सेल होता है जो ऐसे मामलों को संभालता है। आप सीधे वहाँ जाकर अपनी समस्या बता सकते हैं
चौथा कदम — ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें (अगर ज़रूरत हो)
अगर आपको लगता है कि आपके आवेदन के साथ कोई अन्याय हुआ है या स्कूल गलत तरीके से मना कर रहा है, तो आपके पास तीन विकल्प हैं:
1. NCPCR (राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग)
- यह बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने वाली सबसे बड़ी संस्था है
- इसकी वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें
- RTE Act के उल्लंघन के मामलों में NCPCR सीधे कार्रवाई कर सकता है
2. CPGRAMS (केंद्रीय सार्वजनिक शिकायत निवारण प्रणाली)
- pgportal.gov.in पर शिकायत दर्ज करें
- यह केंद्र सरकार की आधिकारिक शिकायत प्रणाली है
- इसमें शिकायत का नंबर मिलता है, जिससे आप अपनी शिकायत को ट्रैक कर सकते हैं
3. RTI (सूचना का अधिकार)
- ज़िला शिक्षा अधिकारी (DEO) और स्कूल के PIO (सूचना अधिकारी) को RTI दायर करें
- RTI Wiki के अनुसार, “RTI to the District Education Officer (DEO) + school PIO + a parallel NCPCR complaint is the fastest written record of where the admission is stuck”
- यानी, तीनों जगह एक साथ शिकायत दर्ज करना सबसे तेज़ तरीका है
याद रखें:
RTE Act 2009 की धारा 32 के तहत राज्यों में शिकायत निवारण तंत्र (GRM) भी मौजूद है। यह आपका कानूनी अधिकार है
ज़रूरी दस्तावेज़ — जिन्हें सही रखना बहुत जरूरी है
RTE एडमिशन के लिए इन दस्तावेज़ों की ज़रूरत होती है। एक-एक दस्तावेज़ को ध्यान से तैयार करें:
- ✅ बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र — जन्म तिथि स्पष्ट होनी चाहिए, कोई कट-कट नहीं
- ✅ माता या पिता का आधार कार्ड — नए नियमों के तहत सिर्फ एक अभिभावक का आधार काफी है
- ✅ आय प्रमाण पत्र — सरकारी अधिकारी (तहसीलदार या बीडीओ) द्वारा जारी होना चाहिए
- ✅ निवास प्रमाण — राशन कार्ड, बिजली बिल, या कोई अन्य मान्य दस्तावेज़
- ✅ जाति प्रमाण पत्र (अगर SC/ST/OBC में आते हैं) — वैध होना चाहिए
- ✅ बैंक खाता विवरण — ₹5,000 DBT के लिए आधार-लिंक्ड बैंक खाता
- ✅ पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो — बच्चे की साफ़-सुथरी फोटो
बहुत बड़ी राहत की बात: नए दिशानिर्देशों (जनवरी 2026) के अनुसार, बच्चे का आधार कार्ड अब अनिवार्य नहीं है — सिर्फ एक अभिभावक का आधार काफी है। यह गरीब और वंचित परिवारों के लिए बहुत बड़ी राहत है।
किन दस्तावेज़ों की वजह से सबसे ज़्यादा रिजेक्शन होते हैं?
| दस्तावेज़ | आम गलती | समाधान |
|---|---|---|
| आय प्रमाण पत्र | फॉर्म में डाली गई आय और सर्टिफिकेट पर अंतर | सर्टिफिकेट पर लिखी आय बिल्कुल वैसी ही डालें |
| जन्म प्रमाण पत्र | नाम में मामूली अंतर (जैसे मोहम्मद vs मोहम्मड) | हर जगह एक जैसी स्पेलिंग का इस्तेमाल करें |
| जाति प्रमाण पत्र | एक्सपायर होना या गलत फॉर्मेट | वैध और सही फॉर्मेट का सर्टिफिकेट लगाएँ |
| निवास प्रमाण | किरायेदारों के लिए समस्या | 2026 में किरायेदार RTE के लिए पात्र नहीं हैं |
दस्तावेज़ जमा करने की बड़ी सलाह
“हर माता-पिता को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका नाम अपने दस्तावेज़ों पर बिल्कुल वैसा ही लिखा हो जैसा फॉर्म में डाला है। एक छोटा सा अंतर भी रिजेक्शन का कारण बन सकता है।” — निसार खान, उप शिक्षा अधिकारी, RTE प्रवेश
खुद को सवाल करें:
क्या मैंने अपने सभी दस्तावेज़ों में नाम की स्पेलिंग मिला कर देखी है?
सबसे जरूरी टिप:
अगर आप साइबरकैफे से फॉर्म भरवा रहे हैं, तो एक्नॉलेजमेंट को ध्यान से चेक करें। अक्सर साइबरकैफे वालों की गलती की वजह से फॉर्म में गलत डिटेल डाल दी जाती है और माता-पिता को पता भी नहीं चलता। यह छोटी सी चूक आपके बच्चे का एडमिशन खराब कर सकती है
आम गलतियाँ — जिनसे बचना बहुत जरूरी है
गलती 1 — दस्तावेज़ों में नाम का मेल न होना
यह सबसे आम गलती है। अगर आधार पर “Mohammad” है और बर्थ सर्टिफिकेट पर “Mohammed” है, तो रिजेक्शन पक्का है
क्या करें: हर दस्तावेज़ में बिल्कुल एक जैसा नाम होना चाहिए — कोई छोटा रूप नहीं, कोई अलग स्पेलिंग नहीं। अगर जन्म प्रमाण पत्र पर पूरा नाम है, तो हर जगह वही पूरा नाम डालें
गलती 2 — आय प्रमाण पत्र में अंतर
आय सीमा RTE के तहत ₹1,00,000 प्रति वर्ष (EWS) तय की गई है। अगर आपकी आय इससे कम है, तो भी आपको सर्टिफिकेट पर लिखी आय बिल्कुल वैसी ही फॉर्म में डालनी होगी
क्या करें: सर्टिफिकेट पर लिखी आय को ध्यान से पढ़ें, और फॉर्म में बिल्कुल वही आय डालें — रुपये-पैसे तक का मिलान करें
गलती 3 — उम्र की गलत गणना
उम्र की गणना 1 अप्रैल 2026 के अनुसार की जाएगी। यह बहुत जरूरी है क्योंकि अगर उम्र थोड़ी भी कम या ज़्यादा हुई तो आवेदन खारिज हो जाएगा
सही उम्र सीमा:
- नर्सरी के लिए: 3 से 4 साल
- LKG के लिए: 4 से 5 साल
- UKG के लिए: 5 से 6 साल
- कक्षा 1 के लिए: 6 से 7 साल
गलती 4 — एक्नॉलेजमेंट न चेक करना
फॉर्म सबमिट करने के बाद जो एक्नॉलेजमेंट मिलता है, उसे ध्यान से पढ़ें। यह लॉटरी से पहले गलती सुधारने का एकमात्र मौका है लॉटरी के बाद कोई बदलाव नहीं किया जा सकता
क्या करें: एक्नॉलेजमेंट मिलते ही उसे अच्छी तरह पढ़ें — नाम, उम्र, आय, पता — सब कुछ चेक करें। अगर कोई गलती है तो तुरंत सुधार करवाएँ
गलती 5 — एडमिशन कन्फर्म करने की डेडलाइन मिस करना
भले ही आपके बच्चे का नाम लॉटरी में आ जाए, अगर आप एडमिशन कन्फर्म करने की डेडलाइन मिस कर देंगे, तो सीट किसी और बच्चे को दे दी जाएगी
पिछले साल 1.85 लाख सीटें आवंटित हुई थीं, लेकिन सिर्फ 1.41 लाख बच्चों ने ही एडमिशन कन्फर्म किया था — यानी 44,000 से ज़्यादा बच्चों ने अपनी सीट गंवा दी
क्या करें: जैसे ही आपके बच्चे का नाम लिस्ट में आए, तुरंत स्कूल जाएँ और एडमिशन कन्फर्म करें। कोई देरी न करें
गलती 6 — BSA कार्यालय न जाना
कई माता-पिता सोचते हैं कि पोर्टल पर स्टेटस चेक कर लेना ही काफी है। लेकिन अगर आपको कोई समस्या है — चाहे वह स्टेटस में गड़बड़ी हो या स्कूल की अनिच्छा — तो BSA कार्यालय जाना बहुत जरूरी है
क्या करें: BSA के पास स्कूलों को आदेश देने का अधिकार है। वे आपके मामले को तुरंत हल कर सकते हैं। देर न करें, जल्द से जल्द BSA कार्यालय पहुँचें
2026-27 के नए अपडेट — जो हर माता-पिता को पता होने चाहिए
1. तीन-चरणीय प्रणाली
2026-27 में RTE एडमिशन तीन चरणों में कराया गया है, जबकि पहले सिर्फ एक या दो चरण होते थे। इससे बच्चों को ज़्यादा मौके मिलते हैं। अगर पहले चरण में चयन नहीं हुआ, तो दूसरे और तीसरे चरण में मौका है
2. सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला (अप्रैल 2026)
सुप्रीम कोर्ट ने 28 अप्रैल 2026 को बहुत बड़ा फैसला दिया। कोर्ट ने साफ़ कहा कि स्कूल सरकार के आवंटन पर “अपील” नहीं कर सकते। कोर्ट ने “admit first, argue later” का सिद्धांत लागू किया है
सीधा मतलब: अगर सरकार ने आपके बच्चे का नाम किसी स्कूल को भेजा है, तो स्कूल को तुरंत एडमिशन देना होगा — चाहे स्कूल को कोई आपत्ति हो, चाहे वह कुछ भी कहे। स्कूल पहले एडमिशन दे, फिर अपनी बात रखे — उल्टा नहीं
“हर स्कूल की यह संवैधानिक और कानूनी जिम्मेदारी है कि वह सरकार द्वारा भेजे गए बच्चों को बिना किसी देरी के एडमिशन दे।” — सुप्रीम कोर्ट, 2026 INSC 422
3. आधार में ढील
पहले बच्चे का आधार कार्ड अनिवार्य था, लेकिन अब बच्चे का आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है — सिर्फ एक अभिभावक का आधार काफी है
यह उन परिवारों के लिए बड़ी राहत है जिनके पास बच्चे का आधार नहीं है या उसे बनवाने में परेशानी हो रही है। अब वे बिना बच्चे के आधार के भी आवेदन कर सकते हैं
4. ₹5,000 का सीधा लाभ (DBT)
सरकार ने ₹5,000 प्रति बच्चा प्रति वर्ष की Direct Benefit Transfer (DBT) योजना शुरू की है
यह पैसा यूनिफॉर्म, किताबों और अन्य ज़रूरतों के लिए अभिभावकों के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर होगा। इसके अलावा, स्कूलों को ₹450 प्रति बच्चा प्रति माह (12 महीने) की प्रतिपूर्ति भी मिलती है
5. किरायेदारों पर बड़ा बदलाव (2026)
2026 की सबसे बड़ी खबर यह है कि किरायेदार परिवारों के बच्चे अब RTE के लिए पात्र नहीं हैं
अगर आप किराए के मकान में रहते हैं, तो आपका आवेदन खारिज हो सकता है। यह एक नई नीति है और सभी माता-पिता को इसके बारे में पता होना चाहिए। अगर आप किरायेदार हैं और आपने आवेदन कर दिया है, तो आपका आवेदन शायद रिजेक्ट हो जाएगा
लॉटरी में नाम नहीं आया vs दस्तावेज़ रिजेक्ट — अंतर समझें
| पहलू | लॉटरी में चयन नहीं हुआ | दस्तावेज़ रिजेक्ट हुए |
|---|---|---|
| स्टेटस क्या दिखता है? | “Not Selected” या “Waiting” | “Rejected” |
| क्या अगले चरण में चला जाएगा? | हाँ — अपने आप | नहीं — दोबारा आवेदन करना होगा |
| आपको क्या करना है? | धैर्य रखें, अगले चरण का इंतज़ार करें | दस्तावेज़ सुधारें और नए सिरे से आवेदन करें |
| अगले चरण में चांस | नए आवेदकों के बराबर | दोबारा वेरिफिकेशन में सफल होना जरूरी |
| स्कूल से मदद मिल सकती है? | बहुत कम | कभी-कभी अगर गलती मामूली हो |
विशेषज्ञों की राय — शिक्षा अधिकारी क्या कहते हैं?
मोनिका रानी, निदेशक, स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश
“RTE प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए सभी चरणों का शेड्यूल जारी किया गया है। ऑनलाइन आवेदन, वेरिफिकेशन और लॉटरी प्रणाली के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पात्र बच्चों को निर्धारित समय में प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश मिले। शिक्षा विभाग इस प्रक्रिया की लगातार निगरानी करेगा।”
पार्थ सारथी सेन शर्मा, अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा, उत्तर प्रदेश
“गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों को अपनी कक्षा 1 या प्री-प्राइमरी कक्षाओं की कम से कम 25% सीटों पर वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों को प्रवेश देना होगा। यह प्रावधान प्री-प्राइमरी स्तर से ही लागू होगा और कक्षा 8 तक जारी रहेगा।”
निसार खान, उप शिक्षा अधिकारी, RTE प्रवेश
“माता-पिता को ऑनलाइन फॉर्म भरते समय बहुत सावधानी बरतनी चाहिए — ‘मोहम्मद’ और ‘मोहम्मड’ जैसा छोटा सा अंतर भी रिजेक्शन का कारण बन सकता है। हमारे वेरिफिकेशन अधिकारियों को जमा किए गए दस्तावेज़ों से 100% मिलान करना होता है। साइबरकैफे नहीं, बल्कि आधिकारिक मदद केंद्रों से मदद लें।”
संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश
“प्रदेश के हर पात्र बच्चे को शिक्षा का अधिकार दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार इस प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और सभी के लिए सुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सवाल 1 — अगर मेरे बच्चे का नाम RTE की पहली लिस्ट में नहीं है तो क्या करें?
घबराएँ नहीं। पहले पोर्टल पर अपना स्टेटस चेक करें। अगर “Not Selected” दिख रहा है, तो आपका आवेदन अगले चरण के लिए अपने आप मान्य है। अगर “Rejected” दिख रहा है, तो दस्तावेज़ सुधारें और दोबारा आवेदन करें। आप BSA या BEO कार्यालय से भी मदद ले सकते हैं। याद रखें — तीन चरण हैं, तीन मौके हैं
सवाल 2 — क्या मुझे फेज़ 2 के लिए नया फॉर्म भरना होगा?
यह आपके स्टेटस पर निर्भर करता है। अगर आपका आवेदन “Not Selected” है, तो नया फॉर्म नहीं भरना है — यह अपने आप अगले चरण में चला जाता है। अगर “Rejected” है, तो दोबारा आवेदन करना होगा। ध्यान दें — “Rejected” होने पर आपको नए सिरे से स्कूल भी चुनने होंगे
सवाल 3 — RTE UP आवेदन स्थिति कैसे चेक करें?
आधिकारिक पोर्टलrte25.upsdc.gov.in पर जाएँ। “Student Application Status” पर क्लिक करें, अपना ज़िला चुनें, रजिस्ट्रेशन ID डालें और कैप्चा कोड भरें। “Search” पर क्लिक करते ही आपकी पूरी स्थिति दिख जाएगी। इसका स्क्रीनशॉट ज़रूर लें
सवाल 4 — मेरा RTE आवेदन क्यों रिजेक्ट हुआ?
सबसे आम वजहें हैं: नाम में mismatch, आय प्रमाण पत्र में गलती, गलत उम्र, या कोई दस्तावेज़ गायब होना। रिजेक्शन की सटीक वजह जानने के लिए BSA या BEO कार्यालय से संपर्क करें। वे आपको बता देंगे कि कौन सा दस्तावेज़ गलत था
सवाल 5 — अगर स्कूल कहे कि मेरा नाम लिस्ट में नहीं है, लेकिन पोर्टल पर है तो क्या करें?
स्क्रीनशॉट लें और तुरंत BSA या BEO को सूचित करें। सुप्रीम कोर्ट के 2026 के फैसले के अनुसार, स्कूल को तुरंत एडमिशन देना होगा — वे इस पर सवाल नहीं उठा सकते। अगर स्कूल मना करता है, तो यह कानून का उल्लंघन है
सवाल 6 — अगर मेरे बच्चे का आवेदन गलत तरीके से रिजेक्ट हुआ तो क्या कर सकता हूँ?
आप NCPCR (राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग), CPGRAMS (pgportal.gov.in), और RTI (सूचना का अधिकार) के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकते हैं। RTE Act 2009 की धारा 32 के तहत राज्यों में शिकायत निवारण तंत्र (GRM) भी मौजूद है। तीनों जगह एक साथ शिकायत करें — यह सबसे तेज़ तरीका है
सवाल 7 — RTE की अगली लॉटरी कब है?
2026-27 के लिए तीन चरण हैं: पहला 18 फरवरी, दूसरा 9 मार्च, और तीसरा 27 मार्च 2026 को है। हर चरण की लॉटरी से पहले आवेदन की तारीखें भी होती हैं, इसलिए तारीखों पर नज़र रखें
सवाल 8 — RTE एडमिशन के लिए उम्र सीमा क्या है?
1 अप्रैल 2026 के अनुसार: नर्सरी के लिए 3-4 साल, LKG के लिए 4-5 साल, UKG के लिए 5-6 साल, और कक्षा 1 के लिए 6-7 साल। यह बहुत सख्त है — अगर उम्र थोड़ी भी कम या ज़्यादा हुई तो आवेदन खारिज हो जाएगा
सवाल 9 — क्या RTE कोटे के तहत स्कूल फीस माँग सकते हैं?
बिल्कुल नहीं — यह RTE Act 2009 की धारा 13 के तहत पूरी तरह अवैध है। सरकार स्कूल को ₹450 प्रति बच्चा प्रति माह और अभिभावक को ₹5,000 प्रति वर्ष DBT के रूप में देती है। अगर कोई स्कूल “बिल्डिंग फीस”, “डोनेशन” या कोई और पैसा माँगता है, तो तुरंत BSA या NCPCR को शिकायत करें
सवाल 10 — अगर मेरे पास बच्चे का आधार नहीं है तो क्या मैं आवेदन कर सकता हूँ?
हाँ! 2026 के नए नियमों के अनुसार बच्चे का आधार अब अनिवार्य नहीं है — सिर्फ एक अभिभावक का आधार काफी है। यह सरकार ने खास तौर पर गरीब और वंचित परिवारों के लिए ढील दी है
सवाल 11 — क्या किरायेदार परिवारों के बच्चे RTE के लिए आवेदन कर सकते हैं?
2026 से नहीं — किरायेदार परिवारों के बच्चे अब RTE के लिए पात्र नहीं हैं। यह एक बड़ा बदलाव है। अगर आप किराए के मकान में रहते हैं, तो आपका आवेदन खारिज हो सकता है। सुनिश्चित करें कि आपके पास अपने नाम का मकान है या कोई अन्य मान्य निवास प्रमाण है
सवाल 12 — अगर मेरा आवेदन “Pending Verification” दिखा रहा है तो क्या करूँ?
“Pending Verification” का मतलब है कि आपके दस्तावेज़ों की जाँच अभी चल रही है। 3-4 दिन इंतज़ार करें, फिर दोबारा चेक करें। अगर स्टेटस वही रहता है (एक हफ्ते से ज़्यादा हो गया है), तो अपने BEO कार्यालय से संपर्क करें और अपनी रजिस्ट्रेशन ID दें। वे आपको बता देंगे कि क्या समस्या है
सवाल 13 — क्या मैं तीनों चरणों में एक ही स्कूल के लिए आवेदन कर सकता हूँ?
हाँ, अगर आपका आवेदन “Not Selected” है, तो यह तीनों चरणों में अपने आप मान्य रहेगा और आप हर बार उसी स्कूल या स्कूलों के लिए लॉटरी में शामिल रहेंगे। अगर आप “Rejected” हैं, तो आपको दोबारा आवेदन करते समय नए सिरे से स्कूल चुनने होंगे
सवाल 14 — स्कूल मुझे कितने दिनों में RTE एडमिशन देने से मना कर सकते हैं?
सुप्रीम कोर्ट के 2026 के फैसले के अनुसार, स्कूल किसी भी समय एडमिशन देने से मना नहीं कर सकते अगर सरकार ने आपके बच्चे का नाम आवंटित किया है। स्कूल को तुरंत एडमिशन देना होता है — कोई “हम सोचेंगे”, “हम देखेंगे” नहीं। अगर स्कूल मना करे, तो तुरंत BSA से संपर्क करें। BSA स्कूल को तुरंत आदेश दे सकते हैं
आखिरी बात — क्या करें और क्या न करें?
क्या करें (Do’s)
✅ पोर्टल पर अपना स्टेटस तुरंत चेक करें
✅ स्टेटस का स्क्रीनशॉट या प्रिंट निकाल लें
✅ अगर “Not Selected” है, तो धैर्य रखें और अगले चरण का इंतज़ार करें
✅ अगर “Rejected” है, तो वजह पता करें और दस्तावेज़ सुधारें
✅ BSA या BEO कार्यालय जाएँ अगर कोई समस्या है
✅ NCPCR, CPGRAMS, या RTI के माध्यम से शिकायत दर्ज करें अगर अन्याय हो
✅ सभी दस्तावेज़ों में नाम और अन्य डिटेल का मिलान करें
✅ एडमिशन कन्फर्म करने की डेडलाइन का ध्यान रखें
क्या न करें (Don’ts)
❌ घबराएँ नहीं — तीन चरण हैं, तीन मौके हैं
❌ “Rejected” होने पर उम्मीद न छोड़ें — दोबारा आवेदन करें
❌ स्कूल की बातों में न आएँ अगर वे पोर्टल के खिलाफ कुछ कहें
❌ आवेदन की डेडलाइन न मिस करें
❌ दस्तावेज़ों में कोई गलती न करें — एक बार सब चेक कर लें
❌ किरायेदार हैं तो आवेदन न करें (2026 का नया नियम)
❌ फीस माँगने पर चुप न रहें — तुरंत शिकायत करें
निष्कर्ष — घबराएँ नहीं, सही कदम उठाएँ
अगर आपके बच्चे का नाम RTE की पहली लिस्ट में नहीं है, तो यह अंत नहीं है — बल्कि सही कदम उठाने का मौका है। पहले पोर्टल पर अपना स्टेटस चेक करें और समझें कि “Not Selected” है या “Rejected”
अगर “Not Selected” है — तो धैर्य रखें और अगले चरण का इंतज़ार करें। आपका आवेदन अपने आप चला जाएगा, आपको कुछ नहीं करना है
अगर “Rejected” है — तो दस्तावेज़ सुधारें और दोबारा आवेदन करें। यह मुश्किल है, लेकिन नामुमकिन नहीं
हमेशा याद रखें — तीन चरण हैं और कई मौके हैं। सुप्रीम कोर्ट भी आपके साथ है — कोई स्कूल आपको अनुचित तरीके से नहीं रोक सकता
सबसे बड़ी सलाह: RTE 25% कोटे में एडमिशन आपके बच्चे का कानूनी अधिकार है — इसका उपयोग करें। अगर आपको किसी भी स्तर पर परेशानी हो रही है, तो BSA या BEO कार्यालय या NCPCR से संपर्क करने में देर न करें आपका बच्चा स्कूल जाने का हकदार है — और सरकार, सुप्रीम कोर्ट, और कानून सब आपके साथ हैं
अभी कार्रवाई करें: rte25.upsdc.gov.in पर जाकर अपना स्टेटस चेक करें और दस्तावेज़ों की जाँच करें। अगर आपको कोई परेशानी हो रही है, तो अपने ज़िले के BSA या BEO कार्यालय से संपर्क करने में देर न करें
यह लेख आधिकारिक सरकारी सूचनाओं, RTE Act 2009, सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बयानों पर आधारित है
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