RTE Admission Refused by School? How to File a Complaint

RTE Admission Refused by School? How to File a Complaint in UP

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RTE Admission Refused by School? How to File a Complaint in UP

क्या आपके बच्चे को RTE (Right to Education) कोटे के तहत चयनित होने के बावजूद स्कूल ने एडमिशन देने से मना कर दिया है? यह लेख आपको बताता है कि ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए, कहाँ शिकायत करनी है, और कैसे अपने बच्चे का एडमिशन सुनिश्चित कर सकते हैं।

सबसे पहली और सबसे जरूरी बात: स्कूल से लिखित में इनकार का कारण मांगें और 24 घंटे के भीतर DEO (जिला शिक्षा अधिकारी) में शिकायत दर्ज करें।


परिचय

क्या आपको भी स्कूल से यह कहा गया है — “हमें आदेश मिला है, एडमिशन नहीं दे सकते”? या “आपके दस्तावेज़ सही नहीं हैं”? या सीधे तौर पर “डोनेशन दें” कहा गया है? अगर हाँ, तो यह लेख आपके लिए है। यहाँ आपको RTE प्रवेश से इनकार पर शिकायत दर्ज करने का पूरा रास्ता बताया जाएगा — किसके पास जाएं, क्या लिखें, कौन-से कानूनी प्रावधान आपके साथ हैं, और कितने दिनों में क्या करें

इस लेख को पढ़ने के बाद आप जान जाएंगे कि RTE कोटे में एडमिशन से इनकार करने पर आपको क्या कानूनी अधिकार हैं, कहाँ शिकायत दर्ज करानी है, कौन-से दस्तावेज़ चाहिए, और कैसे अपने बच्चे का एडमिशन सुनिश्चित कर सकते हैं

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स्कूल RTE एडमिशन क्यों मना करते हैं?

स्कूल अक्सर RTE कोटे के छात्रों को एडमिशन देने से मना करने के लिए कई तरह के बहाने बनाते हैं। आइए जानते हैं सबसे आम कारण:

डोनेशन या फीस की मांग

कई स्कूल RTE कोटे में चयनित होने के बावजूद अभिभावकों से डोनेशन या अतिरिक्त फीस मांगते हैं। यह RTE Act की धारा 13 का स्पष्ट उल्लंघन है

“पात्रता की जांच” का बहाना

स्कूल कहते हैं कि “हमें पात्रता की जांच करनी है” लेकिन असल में सरकारी लॉटरी के बाद पात्रता की जांच का अधिकार स्कूल को नहीं है। यह काम राज्य सरकार का है

“सीट खाली नहीं है” का झूठ

यह सबसे आम बहाना है। RTE Act की धारा 12(1)(c) के तहत हर निजी अनुदानरहित स्कूल को 25% सीटें RTE कोटे के लिए आरक्षित रखनी होती हैं। सीट होती है, स्कूल बस बहाना बनाता है

दस्तावेज़ “सही फॉर्मेट” में नहीं

कई बार स्कूल दस्तावेज़ों के फॉर्मेट का बहाना करके एडमिशन से मना कर देते हैं। असल में यह सिर्फ समय बिताने की तरकीब है

“हमारा स्कूल RTE के दायरे में नहीं आता”

यह पूरी तरह गलत है। हर अनुदानरहित निजी स्कूल RTE Act के तहत 25% कोटा लागू होता है। कोई छूट नहीं है


कानून क्या कहता है?

RTE Act 2009 की धारा 12(1)(c) स्पष्ट रूप से कहती है कि प्रत्येक निजी अनुदानरहित स्कूल को कक्षा 1 (या प्री-प्राइमरी) की कुल सीटों का कम से कम 25% हिस्सा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और वंचित समूहों के बच्चों के लिए आरक्षित रखना होगा। इन बच्चों को मुफ्त शिक्षा देना स्कूल की जिम्मेदारी है

इसके अलावा कुछ और भी महत्वपूर्ण प्रावधान हैं:

  • धारा 13 — किसी भी प्रकार की कैपिटेशन फीस या डोनेशन मांगना अपराध है। इस पर FIR दर्ज हो सकती है
  • धारा 17 — RTE छात्रों के साथ कोई भी भेदभाव या उत्पीड़न वर्जित है। स्कूल किसी भी RTE छात्र को शारीरिक या मानसिक रूप से परेशान नहीं कर सकता
  • धारा 32 और 33 — NCPCR और SCPCR को स्कूलों को समन करने और सीधे एडमिशन का आदेश देने की शक्ति है

सुप्रीम कोर्ट का फैसला (Society for Unaided Schools v. UoI, 2012) — सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि RTE Act की धारा 12(1)(c) संवैधानिक अधिकार है और स्कूल इसका पालन करने के लिए बाध्य हैं। यानी यह कोई उपहार या लाभ नहीं है — यह आपके बच्चे का मौलिक अधिकार है

जिला शिक्षा अधिकारी, लखनऊ का कहना है:

“एक बार राज्य सरकार लॉटरी के जरिए आवंटन कर देती है, तो स्कूल कोई अतिरिक्त जांच नहीं कर सकता। यदि स्कूल ऐसा करता है, तो यह कानून का उल्लंघन है। हम ऐसे स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हैं और जरूरत पड़ने पर उनकी मान्यता रद्द करने की सिफारिश करते हैं।”


चरण 1 — स्कूल से लिखित इनकार मांगें

जब स्कूल मौखिक रूप से एडमिशन से मना करे, तो सबसे पहले प्रिंसिपल से लिखित में कारण मांगें। यह आपका कानूनी अधिकार है

यदि स्कूल लिखित में देने से मना करता है, तो आप स्वयं एक नोट लिखें जिसमें तारीख, समय, और इनकार करने वाले व्यक्ति का नाम दर्ज हो। आप कुछ ऐसा लिख सकते हैं:

“मैं [अभिभावक का नाम], [तारीख] को [स्कूल का नाम] गया था। स्कूल ने मेरे बच्चे [बच्चे का नाम] को RTE कोटे के तहत एडमिशन देने से मौखिक रूप से मना कर दिया। कारण: [जो भी कारण बताया गया]।”

याद रखें — जब तक आपके पास लिखित सबूत नहीं है, तब तक शिकायत कमजोर रहेगी

नोटिस बोर्ड की फोटो जरूर लें — RTE Act की धारा 32 के तहत हर स्कूल को अपने नोटिस बोर्ड पर वैकेंसी की जानकारी प्रदर्शित करना अनिवार्य है। इसकी फोटो खींच लें — यह साबित करने के लिए कि स्कूल में सीटें उपलब्ध थीं

RTE पोर्टल का स्क्रीनशॉट लें — UP RTE पोर्टल rte25.upsdc.gov.in पर लॉग इन करें और अपने एप्लिकेशन की स्थिति का स्क्रीनशॉट लें। इसमें एप्लिकेशन नंबर, लॉटरी राउंड, स्कूल कोड, और आवंटन की तारीख शामिल करें


चरण 2 — DEO या BSA में शिकायत दर्ज करें

यह सबसे महत्वपूर्ण कदम है। स्कूल से इनकार मिलने के 24 घंटे के भीतर DEO (District Education Officer) या BSA (Basic Shiksha Adhikari) में शिकायत दर्ज करें

कहाँ दर्ज करें?

RTE Authority and Office Jurisdiction Details
अधिकारी (Officer) क्षेत्र (Jurisdiction) कार्यालय (Office)
District Education Officer (DEO) शहरी जिले जिला शिक्षा कार्यालय
Basic Shiksha Adhikari (BSA) ग्रामीण/जिला स्तर बेसिक शिक्षा कार्यालय

शिकायत दर्ज कराते समय 3 प्रतियाँ बनाएं — एक DEO को, एक अपने पास (रसीद के साथ), और एक BEO को। हर प्रति पर अपना नाम, पता, और संपर्क नंबर अवश्य लिखें

शिकायत में क्या लिखें?

  1. बच्चे का पूरा नाम और जन्म तिथि
  2. RTE पोर्टल का एप्लिकेशन नंबर और लॉटरी आवंटन पत्र
  3. स्कूल का नाम, पता और UDISE कोड (यदि मालूम हो)
  4. इनकार करने का कारण (जो भी स्कूल ने बताया)
  5. सभी दस्तावेजों की कॉपी (आवंटन पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र आदि)
  6. स्कूल की नोटिस बोर्ड की फोटो (यदि ली है)

DEO कितने दिनों में कार्रवाई करेगा? — DEO को 2-3 कार्यदिवसों के भीतर कार्रवाई करनी चाहिए। यदि कोई प्रतिक्रिया न आए, तो अगले स्तर पर जाएं।

SCPCR सदस्य का कहना है: “हमें हर साल सैकड़ों शिकायतें मिलती हैं जहाँ स्कूल लिखित इनकार नहीं देते। यदि आपके पास लिखित सबूत नहीं है, तो कार्रवाई में देरी होती है। इसलिए — लिखित इनकार अत्यंत महत्वपूर्ण है।”


चरण 3 — SCPCR और NCPCR में शिकायत करें

यदि DEO/BSA 2-3 कार्यदिवसों में कोई कार्रवाई नहीं करता है, तो SCPCR और NCPCR में शिकायत दर्ज कराएं।

SCPCR (State Commission for Protection of Child Rights) — यह राज्य स्तरीय आयोग है। इसे RTE Act की धारा 32 और 33 के तहत स्कूलों और सरकारी अधिकारियों को निर्देश देने की शक्ति है। SCPCR स्कूल प्रिंसिपल को समन जारी कर सकता है और उनसे जवाब मांग सकता है। अगर स्कूल जवाब नहीं देता, तो SCPCR सीधे एडमिशन का आदेश दे सकता है

NCPCR (National Commission for Protection of Child Rights) — यह राष्ट्रीय स्तरीय आयोग है। इसका ऑनलाइन पोर्टल ncpcr.gov.in है। यहां POCSO/RTE Complaint सेक्शन में शिकायत दर्ज करें

NCPCR की प्रक्रिया बहुत सरल है:

  • वेबसाइट पर जाएं
  • “Complaint Registration” पर क्लिक करें
  • RTE से संबंधित विकल्प चुनें
  • सभी जानकारी भरें और दस्तावेज़ अपलोड करें

NCPCR का हेल्पलाइन नंबर: 1800-121-2830


चरण 4 — CPGRAMS पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें

CPGRAMS (pgportal.gov.in) केंद्र सरकार की केंद्रीकृत सार्वजनिक शिकायत निवारण पोर्टल है। यहां Department of School Education and Literacy के तहत शिकायत दर्ज करें

इस पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने से एक डिजिटल ट्रैल बनता है जिसे अधिकारी अनदेखा नहीं कर सकते। यह पोर्टल विशेष रूप से उपयोगी है क्योंकि यह केंद्र सरकार के स्तर पर शिकायत दर्ज कराता है और राज्य सरकार के अधिकारियों पर दबाव बनता है

शिकायत दर्ज करने के बाद आपको एक टिकट नंबर मिलेगा। इस नंबर से आप ऑनलाइन स्टेटस चेक कर सकते हैं


चरण 5 — RTI आवेदन दायर करें

यदि ऊपर बताए गए सभी रास्ते काम नहीं करते, तो RTI (Right to Information) का सहारा लें

RTI क्यों काम करता है? — RTI Act 2005 की धारा 7(1) के तहत PIO (Public Information Officer) को 30 दिनों के भीतर जवाब देना अनिवार्य है। यदि शैक्षणिक सत्र शुरू होने वाला हो, तो 48 घंटे के भीतर जवाब मांगा जा सकता है — क्योंकि देरी से बच्चे की शिक्षा को “अपूरणीय क्षति” होती है

RTI कहाँ दायर करें? — उत्तर प्रदेश में RTI ऑनलाइन दर्ज करने का पोर्टल: https://rtionline.up.nic.in/

आप दो PIOs को समानांतर RTI दायर करें:

  1. DEO कार्यालय के PIO
  2. स्कूल के PIO (हर मान्यता प्राप्त स्कूल RTE से संबंधित रिकॉर्ड के लिए सार्वजनिक प्राधिकरण है)

RTI शुल्क — ₹10 का IPO (Indian Postal Order) — BPL, SC, ST आवेदक शुल्क मुक्त हैं (धारा 7(5) RTI Act)। ऑनलाइन शुल्क भी SBI या नेट बैंकिंग के जरिए जमा किया जा सकता है

RTI में क्या पूछें?

  1. लॉटरी की तारीख, सॉफ्टवेयर ऑडिट लॉग, और पर्यवेक्षक रिपोर्ट
  2. कक्षा 1 की वैकेंसी रजिस्टर (कुल सीटें, EWS/DG सीटें, और भरी गई सीटें)
  3. मेरे आवेदन की स्थिति और हर स्तर पर फाइल नोटिंग
  4. यदि अस्वीकार किया गया है, तो अस्वीकृति का कारण और नियम/परिपत्र
  5. पिछले 3 वर्षों में स्कूल की RTE कोटा भराव दर
  6. स्कूल को मिली प्रति-बच्चा प्रतिपूर्ति राशि और भुगतान की तारीखें
  7. स्कूल में RTE कोटे के तहत प्रवेशित बच्चों की सूची

प्रो टिप: RTI में सवाल संक्षिप्त और स्पष्ट रखें। बहुत लंबे सवालों से PIO बचने की कोशिश करता है। सवालों को नंबर दें और हर सवाल के लिए एक अलग पैराग्राफ बनाएं


चरण 6 — पहली अपील और दूसरी अपील

पहली अपील (First Appeal) — यदि PIO 30 दिनों के भीतर जवाब नहीं देता है, तो धारा 19(1) के तहत First Appellate Authority (FAA) के पास 30 दिनों के भीतर प्रथम अपील दायर करें

FAA को 30 दिनों (अधिकतम 45 दिन) में निर्णय लेना होता है — यह पूरी तरह मुफ्त है। आपको कोई फीस नहीं देनी पड़ती

दूसरी अपील (Second Appeal) — यदि FAA निर्णय नहीं लेता या खारिज कर देता है, तो State Information Commission (SIC) में 90 दिनों के भीतर द्वितीय अपील दायर करें

महत्वपूर्ण तथ्य: उत्तर प्रदेश SIC के पास 45,000+ द्वितीय अपीलें लंबित हैं — यह देश का सबसे बड़ा बैकलॉग है। इसलिए जल्दी से जल्दी अपील दायर करें

SIC धारा 20 के तहत ₹25,000 का जुर्माना लगा सकता है। यह अधिकारियों पर दबाव डालने का एक मजबूत हथियार है


सुप्रीम कोर्ट 2012 का फैसला

Society for Unaided Private Schools v. Union of India (2012) 6 SCC 1 — सुप्रीम कोर्ट ने RTE Act की धारा 12(1)(c) को संवैधानिक बताते हुए इसे बरकरार रखा

इस फैसले का आपके लिए मतलब है:

  • RTE कोटा न तो उपहार है और न ही सरकारी लाभ — यह मौलिक अधिकार है
  • स्कूल इस कोटे के तहत फीस या डोनेशन नहीं मांग सकते
  • राज्य सरकार प्रति-बच्चा प्रतिपूर्ति का भुगतान करती है
  • एक बार राज्य सरकार ने लॉटरी के जरिए आपके बच्चे का आवंटन कर दिया, तो स्कूल एडमिशन देने से मना नहीं कर सकता

क्या आपको पता है कि यह फैसला आपके लिए कितना मजबूत हथियार है? सुप्रीम कोर्ट का फैसला हर किसी पर बाध्यकारी होता है — इसलिए अपनी शिकायत में इसका हवाला देना न भूलें

प्रो टिप:

अपने RTI कवर लेटर में Society for Unaided Schools v. UoI (2012) का हवाला अवश्य दें। यह आपकी शिकायत को कानूनी रूप से मजबूत करेगा और अधिकारी इसे गंभीरता से लेंगे


RTE शिकायत के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज़

RTE UP Admission Required Documents Checklist
दस्तावेज़ (Required Document) उद्देश्य (Purpose) कहाँ से प्राप्त करें (Source)
RTE आवंटन पत्र सरकारी आवंटन का प्रमाण rte25.upsdc.gov.in
बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र आयु प्रमाण (1 अप्रैल तक) नगर निगम / ग्राम पंचायत
अभिभावक का आधार एक अभिभावक का आधार अनिवार्य UIDAI
आय प्रमाण पत्र (EWS) ₹1,00,000 वार्षिक सीमा तहसीलदार / पटवारी
जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC) वंचित वर्ग के लिए तहसीलदार / संबंधित प्राधिकारी
निवास प्रमाण राशन कार्ड / वोटर ID संबंधित कार्यालय
स्कूल इनकार पत्र/नोट इनकार का प्रमाण स्वयं दस्तावेजीकरण
नोटिस बोर्ड की फोटो सीटों की उपलब्धता साबित करने के लिए स्कूल में फोटो खींचें

महत्वपूर्ण: सभी दस्तावेजों की 3-4 कॉपी बनाकर रखें। हर कॉपी पर तारीख और अपना हस्ताक्षर करें। DEO, SCPCR, और NCPCR में अलग-अलग कॉपी जमा करनी पड़ सकती है


UP RTE के नवीनतम अपडेट 2025-2026

आधार अनिवार्यता में छूट (जनवरी 2026) — जनवरी 2026 के सरकारी आदेश के अनुसार, बच्चे का आधार अनिवार्य नहीं है। केवल एक अभिभावक का आधार आवेदन के लिए आवश्यक है। हालाँकि, वित्तीय सहायता का लाभ उठाने के लिए आधार-लिंक्ड बैंक खाता आवश्यक है

नया सरकारी आदेश (8 जनवरी 2026) — 8 जनवरी 2026 का नया आदेश 8 सितंबर 2025 के आदेश को निरस्त करता है। इसके अनुसार पूरी प्रक्राई rte25.upsdc.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन होगी और दो-चरणीय ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली होगी

आय सीमा ₹1,00,000 — उत्तर प्रदेश में EWS के लिए वार्षिक आय सीमा ₹1,00,000 है। पुराने लेखों में ₹2.5L का उल्लेख गलत है

5,000 स्कूलों का विलय (2025) — उत्तर प्रदेश में 5,000 प्राथमिक स्कूलों का विलय किया गया। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस फैसले को बरकरार रखा है। यदि आपका नजदीकी स्कूल विलय से प्रभावित हुआ है, तो DEO से नजदीकी RTE-अधिकृत स्कूल की जानकारी लें


इन गलतियों से बचें

RTE Admission Common Mistakes and Solutions
गलती (Common Mistake) समस्या (Resulting Problem) सही क्या करें (Correct Action)
मौखिक इनकार मान लेना शिकायत के लिए कोई सबूत नहीं बचता। लिखित में कारण मांगें या स्वयं नोट करें
बहुत देर करना शैक्षणिक सत्र शुरू हो जाता है, जिससे कानूनी और प्रशासनिक दबाव कम हो जाता है। 24 घंटे के भीतर DEO में शिकायत करें
केवल एक चैनल का उपयोग पूरी तरह से स्थानीय नौकरशाही पर निर्भरता बढ़ जाती है। DEO, NCPCR, CPGRAMS पर समानांतर शिकायत दायर करें
कॉपी न रखना भविष्य में शिकायत का कोई कानूनी सबूत नहीं रहता। रसीद, स्क्रीनशॉट, और स्टैम्प्ड कॉपी सुरक्षित रखें
स्कूल गेट पर बहस करना समय बर्बाद होता है और इसका कोई कानूनी असर नहीं पड़ता। सीधें सक्षम अधिकारी से शिकायत करें
RTI समयसीमा भूल जाना समय पर अगली अपील करने का मौका चूक जाते हैं। कैलेंडर पर Day 30, Day 31, Day 60 नोट करें

महत्वपूर्ण चेतावनी:

यदि स्कूल डोनेशन मांगता है, तो यह धारा 13 RTE Act के तहत आपराधिक अपराध है। आप FIR दर्ज करा सकते हैं। यह कोई साधारण मामला नहीं है — यह एक गंभीर कानूनी उल्लंघन है


किसके पास कब जाएं — एक सरल गाइड

RTE Admission Complaint Hierarchy and Escalation Timeline
स्तर प्राधिकारी (Authority) क्या कर सकते हैं (Powers) कब जाएं (Timeline)
1
BEO / DEO / BSA तत्काल एडमिशन का निर्देश दे सकते हैं। दिन 1
2
District Magistrate निगरानी समिति के अध्यक्ष के रूप में हस्तक्षेप। दिन 3-5
3
SCPCR स्कूल को बाध्यकारी निर्देश जारी करना। दिन 3-5
4
NCPCR स्कूल को सीधे समन जारी कर सकते हैं और भारी जुर्माने की सिफारिश कर सकते हैं। दिन 3-5
5
RTI PIO अनिवार्य 30-दिनी जवाबदेही के तहत जानकारी। दिन 7
6
High Court तत्काल एडमिशन का अंतिम कानूनी आदेश और स्कूल पर भारी जुर्माना। यदि सब विफल

दिन-प्रतिदिन की कार्रवाई चेकलिस्ट

RTE Admission Action Timeline and Escalation Steps
दिन (Timeline) क्या करें (Action Plan)
दिन 0 स्कूल से लिखित इनकार मांगें; नोटिस बोर्ड की फोटो लें; RTE पोर्टल स्क्रीनशॉट लें।
दिन 1 DEO / BSA को सभी दस्तावेज़ों के साथ लिखित शिकायत दें; NCPCR ऑनलाइन शिकायत दायर करें।
दिन 2 CPGRAMS शिकायत दायर करें; SCPCR शिकायत दायर करें (यदि DEO निष्क्रिय हो)।
दिन 3-5 यदि DEO कोई कार्रवाई न करे तो DM (जिलाधिकारी) निगरानी समिति से संपर्क करें।
दिन 7 RTI दायर करें (DEO + स्कूल प्रिंसिपल को) — यदि मामला अब भी अनसुलझा हो।
दिन 30 RTI का कानूनी जवाब आना चाहिए। यदि जवाब न आए तो धारा 19(1) के तहत प्रथम अपील दर्ज करें।
दिन 60+ SIC में द्वितीय अपील दायर करें + NCPCR / SCPCR समानांतर एस्केलेशन जारी रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. RTE लॉटरी के बाद स्कूल एडमिशन से मना कर दे तो क्या करें?

सबसे पहले स्कूल से लिखित कारण मांगें। फिर 24 घंटों के भीतर DEO/BSA को लिखित शिकायत दें। यदि DEO 3 दिनों में कोई कार्रवाई नहीं करता, तो SCPCR और NCPCR में शिकायत दायर करें। साथ ही CPGRAMS (pgportal.gov.in) पर भी शिकायत दर्ज करें

2. क्या स्कूल लॉटरी के बाद पात्रता का बहाना करके एडमिशन से मना कर सकता है?

नहीं। सुप्रीम कोर्ट के Society for Unaided Schools v. UoI (2012) फैसले के अनुसार, एक बार राज्य सरकार लॉटरी के जरिए आवंटन कर देती है, तो स्कूल उसे अस्वीकार नहीं कर सकता। पात्रता संबंधी चिंताओं को स्कूल को DEO के साथ उठाना चाहिए

3. क्या निजी स्कूल RTE कोटे के तहत फीस या डोनेशन मांग सकता है?

नहीं — RTE Act की धारा 13 के तहत कैपिटेशन फीस या डोनेशन मांगना आपराधिक अपराध है। यदि स्कूल ऐसा करता है, तो आप FIR दर्ज करा सकते हैं

4. UP में EWS के लिए आय सीमा क्या है?

उत्तर प्रदेश में EWS के लिए वार्षिक आय सीमा ₹1,00,000 है। पुराने लेखों में ₹2.5L का उल्लेख गलत है

5. क्या बच्चे का आधार RTE एडमिशन के लिए अनिवार्य है?

नहीं — जनवरी 2026 के सरकारी आदेश के अनुसार, बच्चे का आधार अनिवार्य नहीं है। केवल एक अभिभावक का आधार आवेदन के लिए आवश्यक है

6. DEO RTE शिकायत को हल करने में कितना समय लेता है?

DEO को 2-3 कार्यदिवसों के भीतर कार्रवाई करनी चाहिए। यदि कोई प्रतिक्रिया न आए, तो SCPCR और NCPCR में एस्केलेट करें

7. CPGRAMS क्या है और RTE शिकायत के लिए इसका उपयोग कैसे करें?

CPGRAMS (pgportal.gov.in) केंद्र सरकार की केंद्रीकृत सार्वजनिक शिकायत निवारण पोर्टल है। यहां Department of School Education and Literacy के तहत शिकायत दर्ज करें

8. स्कूल “सीट खाली नहीं है” कहे तो क्या करें?

RTE Act की धारा 12(1)(c) के तहत 25% सीटें अनिवार्य हैं। स्कूल से वैकेंसी रजिस्टर मांगें — उन्हें इसे प्रदर्शित करना अनिवार्य है। फिर DEO में शिकायत दर्ज करें

9. क्या RTE शिकायत के लिए वकील की जरूरत होती है?

नहीं — DEO, SCPCR, NCPCR, और RTI में शिकायतें बिना वकील के दर्ज की जा सकती हैं। यदि मामला हाईकोर्ट में जाता है, तो District Legal Services Authority (DLSA) मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करती है

10. क्या स्कूल मूल दस्तावेज़ मांग सकता है?

नहीं — स्कूल केवल दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित प्रतियाँ मांग सकता है। मूल दस्तावेज़ अपने पास रखें। स्कूल मूल दस्तावेज़ नहीं रख सकता — यह नियम विरुद्ध है

11. अगर मेरा बच्चा 7 या 8 साल का है तो क्या होगा?

RTE Act 6-14 वर्ष के सभी बच्चों को कवर करता है। आयु अधिक होने पर भी कोटा लागू होता है। हालाँकि, यदि बच्चा पहले से किसी अन्य स्कूल में पढ़ रहा है, तो वह RTE कोटे के लिए पात्र नहीं होगा

12. अगर एडमिशन हो जाता है तो क्या मुझे प्रतिपूर्ति मिलेगी?

हाँ — UP सरकार ₹450 प्रति बच्चा प्रति माह (12 महीने = ₹5,400 वार्षिक) स्कूल को भुगतान करती है। साथ ही ₹5,000 प्रति बच्चा प्रति वर्ष सीधे अभिभावक के बैंक खाते में भेजा जाता है

13. शिकायत की स्थिति कैसे चेक करें?

हर माध्यम का अलग ट्रैकिंग तरीका है:

  • DEO/BSA — संपर्क में रहें, फोन करें, या व्यक्तिगत जाएँ
  • CPGRAMS — पोर्टल पर टिकट नंबर से स्टेटस चेक करें
  • NCPCR — पोर्टल पर ही स्टेटस चेक करें
  • RTI — 30 दिनों में जवाब मिलना चाहिए; न मिले तो अपील करें

14. क्या RTE शिकायत का कोई समय सीमा है?

कोई कानूनी समय सीमा नहीं है, लेकिन जितनी जल्दी हो, उतना अच्छा है। शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले कार्रवाई करें ताकि बच्चे की शिक्षा प्रभावित न हो


निष्कर्ष

क्या आपका बच्चा RTE लॉटरी में चयनित हुआ और स्कूल एडमिशन देने से मना कर रहा है? याद रखें — यह आपके बच्चे का मौलिक अधिकार है। संविधान का अनुच्छेद 21A और RTE Act 2009 इसकी गारंटी देते हैं

तुरंत कार्रवाई करें:

  • स्कूल से लिखित इनकार मांगें
  • 24 घंटे के भीतर DEO/BSA में शिकायत दर्ज करें
  • NCPCR, CPGRAMS, RTI जैसे समानांतर चैनलों का उपयोग करें
  • आवश्यकता पड़ने पर SCPCR और उच्च न्यायालय से संपर्क करें

आंकड़े बताते हैं:

लेयर्ड RTI + NCPCR कार्रवाई से 30 दिनों के भीतर ~78% अस्वीकृत RTE एडमिशन आगे बढ़ जाते हैं

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यह लेख rteup.com — उत्तर प्रदेश में RTE प्रवेश और सरकारी विद्यालय शिक्षा के लिए विश्वसनीय स्रोत — द्वारा प्रस्तुत किया गया है

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