Introduction
RTE UP School Reporting: Your First Visit Guide
आपने RTE पोर्टल पर लॉटरी का रिजल्ट चेक किया, अपने बच्चे का नाम सिलेक्टेड लिस्ट में देखा, और राहत की सांस ली। लेकिन अब वो पल आ गया है जो हर माता-पिता को थोड़ा डराता है—पहली बार उस निजी स्कूल में जाना। क्या होगा वहाँ? क्या स्कूल वाले सही से बात करेंगे? क्या कोई पैसा माँगेंगे? अगर वो मना कर दें तो?
कल्पना करें:
आप स्कूल के गेट पर खड़े हैं। आपके हाथ में दस्तावेज़ों की फाइल है और दिल तेज़-तेज़ धड़क रहा है। आप सोच रहे हैं—”क्या मैं सही दस्तावेज़ लाया हूँ? क्या स्कूल वाले मुझसे ठीक से बात करेंगे? क्या वे मेरे बच्चे को एडमिशन देंगे?” ये डर पूरी तरह से सामान्य है—और इसीलिए यह गाइड आपके लिए है
इस आर्टिकल में हम आपको RTE UP स्कूल रिपोर्टिंग प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताएँगे। आप जानेंगे कि स्कूल जाते समय क्या-क्या दस्तावेज़ ले जाने हैं, स्कूल में किससे मिलना है, क्या करना है, और सबसे ज़रूरी—अगर स्कूल एडमिशन देने से मना करे तो क्या करना चाहिए
सीधा जवाब:
RTE लॉटरी में सिलेक्ट होने के बाद स्कूल की पहली विजिट पर आपको एडमिशन कोऑर्डिनेटर या प्रिंसिपल से मिलना होता है, अपने दस्तावेज़ों की फिजिकल वेरिफिकेशन करानी होती है, और सीट स्वीकार करने की औपचारिकता पूरी करनी होती है। स्कूल आपसे कोई फीस नहीं ले सकता—यह कानून है। दस्तावेज़ सही पाए जाने पर आपके बच्चे का एडमिशन पक्का हो जाता है
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RTE UP स्कूल रिपोर्टिंग प्रक्रिया क्या है?
ऑनलाइन लॉटरी में नाम आने का मतलब सिर्फ यह है कि आपका बच्चा सिलेक्ट हो गया है। असली एडमिशन तब होता है जब आप स्कूल जाकर अपने दस्तावेज़ दिखाते हैं और सीट स्वीकार करते हैं। स्कूल रिपोर्टिंग प्रक्रिया इसलिए ज़रूरी है क्योंकि BSA (Basic Shiksha Adhikari) की तरफ से जारी एनरोलमेंट ऑर्डर के बिना स्कूल एडमिशन नहीं दे सकता, स्कूल को आपके दस्तावेज़ों की फिजिकल वेरिफिकेशन करनी होती है, स्कूल को RTE पोर्टल पर एडमिशन स्टेटस अपडेट करना होता है, और स्कूल को यह पुष्टि करनी होती है कि आपके दस्तावेज़ ऑनलाइन अपलोड की गई जानकारी से मेल खाते हैं
RTE Act 2009 की धारा 12(1)(c) के अनुसार, निजी स्कूलों में 25% सीटें EWS (आर्थिक रूप से कमज़ोर) और वंचित वर्गों के बच्चों के लिए आरक्षित हैं। लॉटरी के बाद स्कूल रिपोर्टिंग यह सुनिश्चित करती है कि सही बच्चों को ही यह लाभ मिले
❓ सोचिए:
अगर स्कूल रिपोर्टिंग की प्रक्रिया न होती, तो कैसे पता चलता कि ऑनलाइन आवेदन करने वाला व्यक्ति वही है जो असल में बच्चे का अभिभावक है? यही कारण है कि फिजिकल वेरिफिकेशन ज़रूरी है
किसे स्कूल जाना है?
अगर आपके बच्चे का नाम RTE लॉटरी में आया है और BSA ने एनरोलमेंट ऑर्डर जारी किया है, तो आपको (माता-पिता या अभिभावक) स्कूल जाना होगा। बच्चे को भी साथ ले जाना चाहिए, क्योंकि स्कूल उसे देखना चाहेगा और कभी-कभी एक छोटी सी बातचीत भी कर सकता है—हालाँकि यह कोई परीक्षा नहीं है, बस औपचारिकता है
महत्वपूर्ण:
अगर आप किसी कारणवश खुद नहीं जा सकते, तो आप अपने किसी करीबी रिश्तेदार (जैसे दादा-दादी, चाचा-चाची) को भेज सकते हैं, लेकिन उनके पास आपका लिखित प्राधिकरण पत्र (Authorization Letter) होना चाहिए और सभी मूल दस्तावेज़ होने चाहिए
कब जाना है?
स्कूल रिपोर्टिंग की डेडलाइन तय है। 2026-27 सत्र के लिए:
| चरण | आवेदन की तारीखें | लॉटरी की तारीख | एनरोलमेंट ऑर्डर / रिपोर्टिंग की तारीख |
|---|---|---|---|
| पहला चरण | 2-16 फरवरी 2026 | 18 फरवरी 2026 | 20 फरवरी 2026 तक |
| दूसरा चरण | 21 फरवरी–7 मार्च 2026 | 9 मार्च 2026 | 11 मार्च 2026 तक |
| तीसरा चरण | 12-25 मार्च 2026 | 27 मार्च 2026 | 29 मार्च 2026 तक |
💡 प्रो टिप:
एनरोलमेंट ऑर्डर मिलते ही स्कूल चले जाएँ। देर न करें—आखिरी दिन पर स्कूल में भीड़ हो सकती है और आपका काम रुक सकता है। याद रखें, स्कूल में हर दिन कई RTE अभिभावक आते हैं, इसलिए जल्दी जाकर अपनी बारी जल्दी लें
स्कूल की पहली विजिट: पूरी प्रक्रिया चरण-दर-चरण
पहला कदम: RTE पोर्टल पर एनरोलमेंट ऑर्डर चेक करें और डाउनलोड करें
सबसे पहले rte25.upsdc.gov.in पर लॉगिन करें। अपने बच्चे के एप्लिकेशन आईडी से स्टेटस चेक करें। अगर लॉटरी में नाम आया है, तो एनरोलमेंट ऑर्डर (Enrolment Order) डाउनलोड करें और उसका प्रिंट निकालें। यह कागज़ आपका सबसे बड़ा हथियार है—बिना इसके स्कूल आपको एडमिशन नहीं दे सकता
⚠️ Important Note:
एनरोलमेंट ऑर्डर BSA (Basic Shiksha Adhikari) द्वारा जारी किया जाता है। यह एक आधिकारिक दस्तावेज़ है जो स्कूल को आपके बच्चे का एडमिशन करने का निर्देश देता है। इसे किसी भी कीमत पर न खोएँ—इसकी एक अतिरिक्त फोटोकॉपी भी अपने पास रखें
दूसरा कदम: दस्तावेज़ों की फ़ाइल तैयार करें
सभी ज़रूरी दस्तावेज़ों की मूल कॉपी (Original) और दो-दो फोटोकॉपी बनाकर एक फाइल में रखें। दस्तावेज़ साफ-सुथरे और पढ़ने लायक होने चाहिए। अगर कोई दस्तावेज़ फटा-पुराना या धुंधला है, तो उसे पहले ही बदलवा लें। याद रखें—स्कूल वालों को हर दस्तावेज़ स्पष्ट दिखना चाहिए
सुनिश्चित करें कि आपके पास:
- सभी मूल दस्तावेज़
- हर दस्तावेज़ की 2 स्पष्ट फोटोकॉपी
- एक बड़ा लिफाफा या फाइल जिसमें सब व्यवस्थित हो
- अपने मोबाइल पर सभी दस्तावेज़ों की फोटो (बैकअप के लिए)
तीसरा कदम: स्कूल पहुँचें और ऑफिस में रिपोर्ट करें
स्कूल पहुँचते ही रिसेप्शन या ऑफिस में जाएँ और कहें: “मेरे बच्चे का RTE कोटे के तहत एडमिशन हुआ है। मुझे एनरोलमेंट ऑर्डर मिला है। मुझे एडमिशन कोऑर्डिनेटर या प्रिंसिपल साहब/मैडम से मिलना है।”
अगर स्कूल का कोई स्टाफ आपको इधर-उधर भेजे, तो धैर्य रखें लेकिन अपनी बात पर अड़े रहें। एनरोलमेंट ऑर्डर दिखाएँ—यह आपका अधिकार है। यदि स्टाफ कहे कि “प्रिंसिपल व्यस्त हैं” तो आप कह सकते हैं—”मैं उनका इंतज़ार करूँगा, मेरे पास बस कुछ मिनटों का काम है।”
चौथा कदम: दस्तावेज़ों की वेरिफिकेशन
स्कूल का एडमिशन कोऑर्डिनेटर या प्रिंसिपल आपके दस्तावेज़ों की जाँच करेंगे। वे ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की गई जानकारी से मूल दस्तावेज़ों का मिलान करेंगे। अगर सब कुछ सही पाया जाता है, तो वे आपका एडमिशन फॉर्म भरवाएँगे
वेरिफिकेशन के दौरान क्या होता है:
- स्कूल आपके आधार नंबर को मूल आधार से मिलाएगा
- आपके बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र पर दी गई तारीख की जाँच करेगा
- आय प्रमाण पत्र की जाँच करेगा और सत्यापन करेगा
- निवास प्रमाण पत्र को आपके पते से मिलाएगा
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) की जाँच करेगा
⚠️ महत्वपूर्ण:
BSA और BEO पहले ही आपके दस्तावेज़ों की ऑनलाइन वेरिफिकेशन कर चुके होते हैं। स्कूल सिर्फ मूल दस्तावेज़ों का मिलान कर रहा है—अतिरिक्त दस्तावेज़ नहीं माँग सकता
पाँचवाँ कदम: सीट स्वीकार करें और औपचारिकताएँ पूरी करें
वेरिफिकेशन के बाद आपको एक एडमिशन फॉर्म भरना होगा और स्कूल की तरफ से एक एडमिशन रसीद या स्वीकृति पत्र (Acceptance Letter) मिलेगा। इस कागज़ को संभाल कर रखें—यह आपके बच्चे के एडमिशन का सबूत है। इस फॉर्म में आपको बच्चे का नाम, जन्म तारीख, पता, अभिभावक का नाम आदि लिखना होता है—इसे ध्यान से और सही-सही भरें
छठा कदम: स्कूल RTE पोर्टल पर स्टेटस अपडेट करेगा
स्कूल आपका एडमिशन स्टेटस RTE पोर्टल और UDISE पोर्टल पर अपडेट करेगा। यह इसलिए ज़रूरी है ताकि सरकार स्कूल को रीइम्बर्समेंट (₹450 प्रति माह) भेज सके और आपको ₹5,000 का DBT मिल सके। 2-3 दिन बाद पोर्टल पर स्टेटस चेक करें—अगर अपडेट नहीं हुआ है, तो स्कूल से संपर्क करें। यह बहुत ज़रूरी है क्योंकि इसी अपडेट के आधार पर सरकार आपके ₹5,000 का DBT आपके बैंक खाते में भेजती है
सातवाँ कदम: रिपोर्टिंग के बाद क्या करें?
स्कूल रिपोर्टिंग के बाद आपको यह सुनिश्चित करना होगा:
- अपने बैंक खाते को आधार से लिंक कर लें (₹5,000 DBT के लिए)
- स्कूल के दिए गए एडमिशन रसीद को सुरक्षित रखें
- बच्चे को स्कूल के नियमों और रूटीन के बारे में बताएँ
- स्कूल की यूनिफॉर्म और किताबों के बारे में जानकारी लें
- अगर कोई समस्या हो तो तुरंत BEO या BSA को सूचित करें
RTE UP स्कूल रिपोर्टिंग के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
अनिवार्य दस्तावेज़ (2026 के नियम)
सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार, RTE कोटे के तहत एडमिशन के लिए ये दस्तावेज़ अनिवार्य हैं:
| दस्तावेज़ | टिप्पणी |
|---|---|
| ✅ माता या पिता का आधार कार्ड | केवल एक अभिभावक का—बच्चे का आधार अनिवार्य नहीं है |
| ✅ बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र | जन्म तारीख स्पष्ट दिखनी चाहिए |
| ✅ आय प्रमाण पत्र | वार्षिक आय ₹1 लाख से कम होनी चाहिए |
| ✅ निवास प्रमाण पत्र | आपके पते का प्रमाण |
| ✅ जाति प्रमाण पत्र | SC/ST/OBC के लिए (यदि लागू हो) |
| ✅ राशन कार्ड | अनुशंसित (हर परिवार के पास हो) |
| ✅ पेंशन या दिव्यांगता प्रमाण पत्र | यदि लागू हो |
| ✅ BSA द्वारा जारी एनरोलमेंट ऑर्डर | सबसे ज़रूरी दस्तावेज़! |
💡 प्रो टिप:
स्कूल जाने से पहले सभी दस्तावेज़ों की 2-2 फोटोकॉपी बनाकर रखें। मूल दस्तावेज़ भी साथ ले जाएँ—स्कूल उन्हें देखना चाहेगा। एक अतिरिक्त सेट अपने घर पर भी रखें—अगर कोई दस्तावेज़ खो जाए तो आपके पास बैकअप हो
2026 के लिए नए अपडेट
- केवल एक अभिभावक का आधार चाहिए—दोनों का नहीं
- बच्चे का आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है
- स्कूलों को एडमिशन स्टेटस पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है
आय प्रमाण पत्र की शर्तें
“वीकर सेक्शन” (कमज़ोर वर्ग) की परिभाषा के तहत, अभिभावक की वार्षिक आय ₹1,00,000 से कम होनी चाहिए। यह प्रमाण पत्र किसी सक्षम अधिकारी (जैसे तहसीलदार या एसडीएम) से जारी होना चाहिए। आय प्रमाण पत्र एक साल पुराना नहीं होना चाहिए—सुनिश्चित करें कि यह नवीनतम हो
क्या स्कूल कोई फीस लेगा? (जवाब: नहीं!)
RTE Act फीस के बारे में क्या कहता है?
बिल्कुल नहीं!
RTE Act 2009 की धारा 12(1)(c) के तहत, निजी स्कूलों में 25% सीटें EWS (आर्थिक रूप से कमज़ोर) और वंचित वर्गों के बच्चों के लिए मुफ्त हैं। यह कानून साफ कहता है कि इन बच्चों से कोई फीस नहीं ली जा सकती—न ट्यूशन फीस, न एडमिशन फीस, न डेवलपमेंट फीस, न कोई अन्य चार्ज
RTE Act की धारा 13 के अनुसार, अगर कोई स्कूल इस नियम का उल्लंघन करता है और फीस माँगता है, तो उसे मान्यता रद्द (De-recognition) हो सकती है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है
“फ्री” में क्या शामिल है?
- ट्यूशन फीस — पूरी तरह से मुफ्त
- यूनिफॉर्म — ₹5,000 सालाना DBT आपके बैंक खाते में
- किताबें — ₹5,000 DBT का हिस्सा
- स्टेशनरी — ₹5,000 DBT का हिस्सा
सरकार स्कूलों को प्रति बच्चा ₹450 प्रति माह (₹5,400 सालाना) रीइम्बर्स करती है—या वास्तविक फीस, जो भी कम हो।
UP सरकार ने ₹67 करोड़
की राशि RTE बच्चों के माता-पिता को किताबों, स्टेशनरी और यूनिफॉर्म के लिए मंज़ूर की है। यह राशि सीधे आपके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में भेजी जाएगी
अगर स्कूल पैसे माँगे तो क्या करें?
अगर कोई स्कूल आपसे एडमिशन फीस, ट्यूशन फीस, डेवलपमेंट फीस—या किसी भी नाम पर पैसे माँगता है—तो यह गैर-कानूनी है। आप ये कदम उठा सकते हैं:
- स्कूल को RTE Act की धारा 12 और 13 के बारे में बताएँ — कहें कि यह कानून के खिलाफ है
- BEO (Block Education Officer) को फोन करें — उन्हें तुरंत सूचित करें
- BSA (Basic Shiksha Adhikari) को लिखित शिकायत दें
- जिलाधिकारी (DM) की अध्यक्षता वाली मॉनिटरिंग कमेटी से संपर्क करें
❓ सोचिए:
अगर स्कूल प्रिंसिपल कहें कि “यह तो बस एडमिन चार्ज है”—तो क्या आप देंगे? नहीं! यह आपका अधिकार है कि आप एक पैसा न दें। याद रखें: “फ्री एंड कंपलसरी” का मतलब “फ्री” ही है
अगर स्कूल एडमिशन देने से मना करे तो क्या करें?
कभी-कभी स्कूल RTE कोटे के बच्चों को एडमिशन देने से कतराते हैं। इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं—जागरूकता की कमी, भेदभाव, या कोटा पूरा न करने की कोशिश। लेकिन याद रखें—यह आपका कानूनी अधिकार है और स्कूल मना नहीं कर सकता।
आपके कानूनी अधिकार
- BSA द्वारा जारी एनरोलमेंट ऑर्डर स्कूल पर बाध्यकारी है
- स्कूल बिना वैध कारण के एडमिशन नहीं रोक सकता
- अगर दस्तावेज़ सही हैं, तो एडमिशन अनिवार्य है
- धारा 13, RTE Act — स्कूल को मान्यता रद्द होने का जोखिम
किससे संपर्क करें?
अगर स्कूल मना करता है या परेशान करता है:
| स्तर | अधिकारी | भूमिका |
|---|---|---|
| प्रथम स्तर | ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) | तत्काल समस्या का समाधान |
| द्वितीय स्तर | जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) | आधिकारिक शिकायत दर्ज करना |
| उच्च स्तर | जिलाधिकारी (DM) + मॉनिटरिंग कमेटी | गंभीर मामलों में कार्रवाई |
केस स्टडी: जब स्कूल ने मना किया
कहानी:
लखनऊ की रहने वाली सुषमा ने अपनी बेटी का RTE एप्लिकेशन भरा। लॉटरी में उसकी बेटी का नाम आया और उसे एनरोलमेंट ऑर्डर मिला। जब वह स्कूल गई, तो प्रिंसिपल ने कहा—”हमारे पास कोई सीट नहीं है।” सुषमा ने घबराकर हमारी वेबसाइट पर दिए गए नंबर पर BEO को फोन किया। BEO ने तुरंत स्कूल को फोन करके RTE Act की धारा 12(1)(c) का हवाला दिया। अगले ही दिन सुषमा की बेटी का एडमिशन हो गया
सीख:
अपने अधिकारों को जानें और डरें नहीं। BEO और BSA आपके साथ हैं
स्कूल पर क्या कार्रवाई हो सकती है?
- धारा 13, RTE Act के तहत मान्यता रद्द हो सकती है
- स्कूल को जुर्माना भरना पड़ सकता है
- जिला प्रशासन स्कूल के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है
- स्कूल को सरकारी सहायता बंद हो सकती है
स्कूल रिपोर्टिंग के दौरान माता-पिता की सामान्य गलतियाँ
गलती 1: फोटोकॉपी न ले जाना
क्या होता है:
स्कूल मूल दस्तावेज़ देख तो लेता है, लेकिन फोटोकॉपी माँगता है—और आपके पास नहीं होती। आपको वापस जाकर फोटोकॉपी बनानी पड़ती है और फिर से लाइन में लगना पड़ता है
क्या करें:
हर दस्तावेज़ की 2 फोटोकॉपी बनाकर फाइल में रखें। अतिरिक्त 1 सेट घर पर भी रखें
गलती 2: एनरोलमेंट ऑर्डर भूल जाना
क्या होता है:
स्कूल कहेगा—”बिना एनरोलमेंट ऑर्डर के हम एडमिशन नहीं दे सकते।” और आप वापस भागेंगे। यह सबसे आम गलती है
क्या करें:
एनरोलमेंट ऑर्डर का प्रिंट अपनी फाइल में सबसे ऊपर रखें। यह सबसे ज़रूरी दस्तावेज़ है। इसकी 3-4 कॉपी बना लें और एक अपने बैग में अलग से रखें
गलती 3: “प्रेशर” में पैसे दे देना
क्या होता है:
स्कूल कहता है—”यह तो छोटी-मोटी फीस है, हर कोई देता है।” आप डर जाते हैं और पैसे दे देते हैं—डर से कि कहीं एडमिशन रद्द न हो जाए
क्या करें: एक पैसा न दें
यह आपका कानूनी अधिकार है। अगर कोई माँगे, तो BEO/BSA को फोन करें। याद रखें—यह आपकी गलती नहीं है, स्कूल कानून तोड़ रहा है
गलती 4: स्कूल पोर्टल पर स्टेटस चेक न करना
क्या होता है:
आप सोचते हैं कि स्कूल ने स्टेटस अपडेट कर दिया होगा—लेकिन वे भूल जाते हैं। आपका DBT या रीइम्बर्समेंट रुक सकता है और आपको ₹5,000 का लाभ नहीं मिल पाता
क्या करें:
2-3 दिन बाद RTE पोर्टल पर एडमिशन स्टेटस चेक करें। अगर अपडेट नहीं है, तो स्कूल को याद दिलाएँ। अगर फिर भी न हो, तो BEO को सूचित करें
गलती 5: स्कूल स्टाफ से ज़बरदस्ती की बहस करना
क्या होता है:
स्कूल का कोई कर्मचारी रूखा व्यवहार करता है और आप गुस्सा हो जाते हैं—बहस शुरू हो जाती है और माहौल खराब हो जाता है
क्या करें:
शांत रहें। अपनी बात विनम्रता से रखें। अगर बात न बने, तो BEO को फोन करें। याद रखें—आपको अपने अधिकारों के लिए लड़ना है, लेकिन बिना गुस्से के
RTE एडमिशन 2026–27: ताज़ा अपडेट्स
2026–27 एडमिशन शेड्यूल
| चरण | आवेदन | वेरिफिकेशन | लॉटरी | रिपोर्टिंग की डेडलाइन |
|---|---|---|---|---|
| चरण 1 | 2-16 फरवरी 2026 | 2-16 फरवरी 2026 | 18 फरवरी 2026 | 20 फरवरी 2026 तक |
| चरण 2 | 21 फरवरी–7 मार्च 2026 | 21 फरवरी–7 मार्च 2026 | 9 मार्च 2026 | 11 मार्च 2026 तक |
| चरण 3 | 12-25 मार्च 2026 | 12-25 मार्च 2026 | 27 मार्च 2026 | 29 मार्च 2026 तक |
2026 के बड़े बदलाव
1. आधार की अनिवार्यता में छूट —
अब सिर्फ एक अभिभावक का आधार चाहिए, बच्चे का नहीं। 8 जनवरी 2026 के ACSE Order के अनुसार, पिछला आदेश (8 सितंबर 2025) निरस्त कर दिया गया है
2. दो-चरणीय लॉटरी प्रणाली —
पहले रैंडमाइज़ेशन (सभी आवेदनों को शफल करके लॉटरी नंबर देना), फिर आवंटन (लॉटरी नंबर के क्रम में स्कूल आवंटित करना)। इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी हो गई है
3. स्कूलों को पोर्टल पर एडमिशन स्टेटस अपलोड करना अनिवार्य —
अब स्कूल RTE पोर्टल और UDISE पोर्टल दोनों पर एडमिशन स्टेटस अपडेट करेंगे। इससे ट्रैकिंग आसान होगी और DBT में देरी नहीं होगी
4. जिला-स्तरीय वार्षिक लक्ष्य —
प्रत्येक जिले को उस जिले के सभी अनएडेड निजी स्कूलों की कुल क्षमता के 25% के आधार पर वार्षिक एडमिशन लक्ष्य दिया गया है। जिलाधिकारी मॉनिटरिंग कमेटी के प्रमुख होंगे
5. ₹67 करोड़ की राशि मंज़ूर —
माता-पिता को किताबों, स्टेशनरी और यूनिफॉर्म के लिए। यह राशि सीधे DBT के माध्यम से आधार-लिंक्ड बैंक खातों में भेजी जाएगी
शिक्षा मंत्री और DG का बयान
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह:
“RTE के तहत निजी स्कूलों में 25% आरक्षण वंचित और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक अवसर प्रदान करता है। सामाजिक न्याय और समावेशन को मज़बूत करना हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है।”
DG स्कूल एजुकेशन मोनिका रानी:
“RTE एडमिशन प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए सभी चरणों का शेड्यूल जारी किया गया है। ऑनलाइन आवेदन, वेरिफिकेशन और लॉटरी प्रणाली के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पात्र बच्चों को समय पर एडमिशन मिले।”
अतिरिक्त मुख्य सचिव (बेसिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा:
“8 जनवरी 2026 के आदेश के अनुसार, अब केवल एक अभिभावक का आधार कार्ड आवश्यक है। इससे लाखों परिवारों को राहत मिलेगी जिनके पास बच्चे का आधार नहीं है या दोनों माता-पिता का आधार उपलब्ध नहीं है।”
एक नज़र में: RTE UP स्कूल रिपोर्टिंग प्रक्रिया
| क्या करना है? | क्या ले जाना है? | किससे मिलना है? | क्या उम्मीद करें? |
|---|---|---|---|
| एनरोलमेंट ऑर्डर डाउनलोड करें | एनरोलमेंट ऑर्डर (प्रिंट) | एडमिशन कोऑर्डिनेटर | दस्तावेज़ वेरिफिकेशन |
| दस्तावेज़ों की फाइल बनाएँ | सभी मूल दस्तावेज़ + 2 फोटोकॉपी | प्रिंसिपल | एडमिशन फॉर्म भरना |
| स्कूल पहुँचें | आधार, जन्म प्रमाण पत्र, आय, निवास, जाति प्रमाण पत्र | BEO/BSA (यदि समस्या हो) | एडमिशन रसीद / Acceptance Letter |
| दस्तावेज़ वेरिफिकेशन कराएँ | राशन कार्ड, पेंशन/दिव्यांगता प्रमाण पत्र | जिलाधिकारी (यदि शिकायत हो) | पोर्टल पर स्टेटस अपडेट |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. RTE स्कूल रिपोर्टिंग के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
माता या पिता का आधार कार्ड, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), राशन कार्ड, और पेंशन या दिव्यांगता प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)। बच्चे का आधार अनिवार्य नहीं है। यह 2026 का नया नियम है, जो 8 जनवरी 2026 के ACSE Order के अनुसार है
2. क्या RTE एडमिशन के लिए स्कूल को कोई फीस देनी पड़ती है?
नहीं, बिल्कुल नहीं
RTE Act 2009 के तहत स्कूल कोई फीस नहीं ले सकता। सरकार स्कूल को ₹450 प्रति माह रीइम्बर्स करती है और आपको ₹5,000 सालाना DBT भेजती है। अगर कोई स्कूल पैसे माँगे, तो यह कानून का उल्लंघन है और आप BEO/BSA को शिकायत कर सकते हैं
3. अगर स्कूल RTE लॉटरी के बाद एडमिशन देने से मना करे तो क्या करें?
BSA द्वारा जारी एनरोलमेंट ऑर्डर स्कूल पर बाध्यकारी है। अगर स्कूल मना करता है, तो पहले स्कूल को RTE Act की धारा 12(1)(c) के बारे में बताएँ। अगर फिर भी मना करे, तो BEO या BSA से संपर्क करें। स्कूल को धारा 13, RTE Act के तहत मान्यता रद्द होने का जोखिम है
4. RTE स्कूल रिपोर्टिंग प्रक्रिया में कितना समय लगता है?
आमतौर पर 1–3 घंटे लगते हैं—यह स्कूल के कार्यभार, दस्तावेज़ वेरिफिकेशन की प्रक्रिया, स्कूल की भीड़ और स्टाफ की संख्या पर निर्भर करता है। कोशिश करें कि सुबह जल्दी (स्कूल खुलते ही) पहुँचें ताकि भीड़ कम हो
5. क्या बच्चे का आधार कार्ड RTE एप्लिकेशन के लिए ज़रूरी है?
नहीं। 2026 के नए नियमों के अनुसार, केवल एक अभिभावक का आधार कार्ड चाहिए। बच्चे का आधार अनिवार्य नहीं है। यह ACSE Order दिनांक 8 जनवरी 2026 के अनुसार है, जिसने पिछले आदेश (8 सितंबर 2025) को निरस्त कर दिया है
6. RTE लॉटरी के बाद क्या होता है?
लॉटरी के बाद BSA एनरोलमेंट ऑर्डर जारी करता है। इसके बाद आपको स्कूल जाकर दस्तावेज़ वेरिफिकेशन करानी होती है और सीट स्वीकार करनी होती है। स्कूल एडमिशन स्टेटस पोर्टल पर अपडेट करता है। 3-4 दिन में आपको एडमिशन रसीद मिल जाती है और आपका बच्चा आधिकारिक रूप से एडमिट हो जाता है।
7. RTE कोटे के लिए आय सीमा क्या है?
“वीकर सेक्शन” के तहत अभिभावक की वार्षिक आय ₹1,00,000 से कम होनी चाहिए। आय प्रमाण पत्र किसी सक्षम अधिकारी (जैसे तहसीलदार या एसडीएम) से जारी होना चाहिए और एक साल से पुराना नहीं होना चाहिए
8. क्या RTE एप्लिकेशन ऑफलाइन हो सकता है?
नहीं। अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है—आवेदन से लेकर लॉटरी तक सब कुछ rte25.upsdc.gov.in पर होता है। हालाँकि, अगर आपको ऑनलाइन आवेदन में परेशानी हो, तो आप BEO कार्यालय से मदद ले सकते हैं। कुछ जिलों में सरकार ने आम जनता के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) भी खोले हैं
9. दिव्यांग बच्चे RTE के लिए पात्र हैं?
हाँ। 2012 के संशोधन के बाद दिव्यांग बच्चे “वंचित समूह” में आते हैं। इसके लिए दिव्यांगता प्रमाण पत्र चाहिए। इसमें सेरेब्रल पाल्सी, मानसिक मंदता, ऑटिज़्म और एकाधिक दिव्यांगता शामिल हैं। RTE Act की धारा 2(ee) इसे स्पष्ट रूप से परिभाषित करती है
10. RTE एडमिशन के लिए उम्र सीमा क्या है?
1 अप्रैल 2026 को उम्र के अनुसार: Nursery: 3–4 साल, LKG: 4–5, UKG: 5–6, Class 1: 6–7 साल। यह UP सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार है। कृपया ध्यान दें कि यह उम्र 1 अप्रैल 2026 को होनी चाहिए, न कि आवेदन की तारीख को
11. क्या RTE कोटे में एडमिशन के बाद स्कूल बदल सकते हैं?
नहीं। RTE कोटे में एडमिशन के बाद स्कूल बदलने की अनुमति नहीं है। आवेदन के समय ही आपको अपनी पसंद के 10 स्कूल चुनने होते हैं। लॉटरी के बाद आवंटित स्कूल ही अंतिम होता है। अगर आप स्कूल बदलना चाहते हैं, तो आपको अगले साल फिर से आवेदन करना होगा
12. अगर मेरे दस्तावेज़ ऑनलाइन वेरिफाई नहीं हुए तो क्या होगा?
अगर आपके दस्तावेज़ ऑनलाइन वेरिफिकेशन में असफल होते हैं, तो आपका एप्लिकेशन रद्द हो सकता है। सुनिश्चित करें कि आपके दस्तावेज़ स्पष्ट, सही और पूरे हों। अगर कोई समस्या है, तो BEO कार्यालय से संपर्क करें—वे आपकी मदद कर सकते हैं। याद रखें, वेरिफिकेशन BEO और BSA दोनों स्तरों पर होता है
13. क्या RTE के तहत एडमिशन लेने वाले बच्चों को बस की सुविधा मिलती है?
RTE Act के तहत बस की सुविधा अनिवार्य नहीं है। हालाँकि, यदि स्कूल अपने सभी छात्रों को बस सुविधा प्रदान करता है, तो RTE बच्चों को भी वही सुविधा मिलनी चाहिए। अगर स्कूल भेदभाव करता है, तो यह RTE Act का उल्लंघन है और आप BEO को शिकायत कर सकते हैं
निष्कर्ष
RTE UP स्कूल रिपोर्टिंग प्रक्रिया—स्कूल की पहली विजिट—आपके बच्चे के एडमिशन का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। याद रखें:
- आपका एनरोलमेंट ऑर्डर आपका अधिकार है—यह BSA द्वारा जारी एक बाध्यकारी दस्तावेज़ है
- स्कूल कोई फीस नहीं ले सकता — यह RTE Act 2009 की धारा 12(1)(c) और धारा 13 के तहत कानून है
- अगर कोई समस्या हो तो BEO/BSA आपकी मदद के लिए हैं—उनसे संपर्क करने में संकोच न करें
- दस्तावेज़ों की फाइल पहले से तैयार रखें—मूल + 2 फोटोकॉपी
- धैर्य रखें और अपने अधिकारों को जानें—आप अकेले नहीं हैं
आपका बच्चा RTE के तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का हकदार है—और यह कानून उसके साथ है। आप अकेले नहीं हैं—हज़ारों माता-पिता हर साल इस प्रक्रिया से गुज़रते हैं और सफल होते हैं। आप भी कर सकते हैं। बस तैयारी रखें, दस्तावेज़ सही रखें, और आत्मविश्वास के साथ स्कूल जाएँ
🎯 आज ही कार्रवाई करें: अपना एनरोलमेंट ऑर्डर चेक करें, दस्तावेज़ों की फाइल तैयार करें, और कल सुबह स्कूल रिपोर्टिंग के लिए निकल पड़ें। आपका बच्चा आपका इंतज़ार कर रहा है—और यह उसके उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत है
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